सूर्य
by Akansha Verma - 6A

काली रात की हुई अब पराजय
क्षितिज पर लहराया सवेरा, भागा सबका भय

चाँद और तारे थककर चले अपने-अपने घर
मंदिरों में शंखनाद गूँजा, गूँजे मधुर स्वर

मेघों ने स्वर्ण की पोशाक है धारी
सूर्य देवता के स्वागत की है तैयारी

जग जगा, पक्षी मधुर गीत सुनाएँ - मनाएँ सकबी खैर
बच्चे करें विद्यालय की तैयारी, वृद्ध करें सैर

कलियाँ भी खुश हैं, नाच रही अपनी - अपनी पंखुड़ियाँ खोल
सूर्य भगवान की जय - जय बोल , जय - जय बोल

 

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